तुम मेरी कहानी नहीं जानते
तुमने दोस्ती का हाथ बढ़ाया और हम दोस्त हुए,
पर तुम दोस्ती का उसूल नहीं जानते।
जो तुम्हारे जज़्बात समझे और ताउम्र साथ दे,
तुम ये दोस्ती का नियम नहीं जानते।
तुम समझते हो वही बात जो मैंने बयां की है,
तुमने शब्द सुने हैं, मेरे अल्फ़ाज़ नहीं जानते।
और तुम मेरी आँखें पढ़ो, यह आख़िरी उम्मीद बची है,
तुम मेरी उम्मीदों का सिलसिला नहीं जानते।
इस दुनिया ने नामक लगाकर नापे हैं मेरे ज़ख़्म,
तुम मेरी पुकार, मेरी चीखें नहीं जानते।
इंसानियत बेच खाई है यहाँ सभी ने,
तुम बस मुखौटे जानते हो, चेहरे नहीं जानते।
जिन्हें तुम अपना कहते हो,
वो ज़ुबान पे शहद, दिल में ज़हर रखते हैं।
तुम बस मेरी उम्र जानते हो, मेरा तजुर्बा नहीं जानते।
देखो, मेरे साथ चलोगे तो हर पल, हर कदम मौत है,
तुम सिर्फ जीना जानते हो, मरना नहीं जानते।
कई दफ़ा कोशिश की तुम्हें दास्तां-ए-दिल सुनाने की,
और वक्त का तकाज़ा देखो,
कि तुम न कोई कहानी कोई किस्सा नहीं जानते।
हर पल कोशिश की मैंने खुद को ज़िंदा रखने की,
तुम घाव तो जानते हो,
पर मन के ज़ख्मों की गहराई नहीं जानते।
हर चमकती चीज को हीरा क्यों समझते हैं लोग?
लोग पीतल और सोने की परख नहीं जानते।
हर चेहरा खुशहाल ही लगता है यहाँ,
तुम भीड़ में भी तन्हाई का मतलब नहीं जानते।
रातों की नींद गंवाकर सींचा है मैंने खुद को,
तुम मेरे विद्रोही संघर्षों के किस्से नहीं जानते।
यकीन करो, तुम बस मेरे हालात जानते हो,
तुम मेरी कहानी नहीं जानते।
तुम मेरी कहानी नहीं जानते।
Kasturi_mann✍🏻
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